Saturday, 31 August 2019

चार मजेदार किस्से।

                                        1

शातिर विद्यर्थी

एक बार एक कक्षा मे English teache🤠r पढ़ा रहे थे। 🙂और बाकि सभी  विद्यर्थी🤠  ध्यान से सुन रहे थे। पर एक विद्यर्थी था। जो को सुन नहीं रहा था। वो अपनी ही धुन मे हि मस्त था।😲
              सर आये पूछे क्या कर रहा है?  बता मेने क्या बताय?
विद्यर्थी  बोला :- सर जो आप पढ़ा रहे है ना , वो मुझे      बहुत अच्छे से आता है।
सर बोले :- चूतिया नंदन आता हैं, तो ध्यान नहीं देगा क्या ?
विद्यर्थी बोला :- सर जो बोलना😵 है मरे को बोलो। मेरे माँ बाप को कुछ मत बोलो।
सर बोले :- मेने तेरे😲 माँ बाप को क्या बोला बता जरा?
विद्यर्थी :- सर अपने बोला चूतिया नन्दन बोला। तो ये अपने मेरे माँ बाप को नहीं बोला क्या?
सर बोले :- बता मेने तेरे माँ बाप को कैसे बोला  ?
विद्यर्थी :- जैसे देवकीनंदन थे। वैसे ही चूतिया नन्दन।
बताओ सही या गलत।



2

एक और शातिर विद्यर्थी

एक बार कि बात है, कि एक Teacher 👩‍🏫‍ पढ़ा रहे थे। कि उतने में हि एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को गाली दें दिया।
सर ने 🤜पूछा गाली क्यो दिया 🤠 । विद्यर्थी ने अपनी सफाई दि और बोला की वो मुझे मार रहा था।
सर बोले साले... एक हाथ  मरूगा ना to Bus stand जा के गिरेगा🤜।
विद्यर्थी  बोला सर दो हाथ मार दो।
सर बोले क्यो भई  दो हाथ क्यो।
विद्यर्थी बोला सर bus stand के आगे मेरा घर है।
               😀😀😀😀😀😀😀


3

ज्ञानी बाबा

एक व्यक्ति गया, एक ज्ञानी बाबा के पास  और बोला बाबा मे अपनी जिं🌓दगी  से बहुत परेसान हुँ। बाबा बोले क्या परेसानी है। वो बोला बाबा परेसा🤜🤜नी हि परेसानी ही है।  बाबा😇🤜 बोले बता तो सही क्या परेसानी है । वो बोला बाबा तंग आ गया हुँ , जिंदगी से अब और नहीं जीना चाहात । बाबा बोले चल तु सात दिन के अंदर मरेगा। वो बोला मर तो जाऊगाँ🌕 ना बाबा। बाबा बोले बेफिकर रहे।
         सात दिन बाद वो वापस आया और  बोला बाबा मे तो मरा ही नहीं। बाबा बोले मरेगा बेटा तु
सात दिन के अं✊😃दर ही मरूगा । वो बोला बाबा आप झूठ बोल 🤜🤜रहे हो । बाबा बोले बेटा तु सात दिन के अंदर ही तो मरेगा ना। तु सोमवार से रविवार के बीच ही तो मरेगा ना। कोई और दिन थोड़ी मरेगा। और सुन , 

जिसकी जब आती है वो तब ही जाता हैं।
    
             
                     4 अगर नाक न होती।

नाक की चिन्ता में आदमी का जीना महाल हो गया है । नाक रखने की खातिर लोग मुकदमेबाजी में बरबाद हो जाते हैं . कर्ज लेकर भी व्याह - शादी , भात - छोछक आदि में🙌 अन्धाधुन्ध खर्च करते हैं । जन्म पर ही नहीं मृत्यु पर भी दावत हैं । ख😃😇रीदने की औकात होने पर भी महँगी किश्त देकर टी . वी , फ्रिज या कूलर आदि ले आते क्योंकि नाक नीची होने से डरते है। लोग अपनी धाक जमाने के लिए नाक ऊँची रखते हैं ।
          नाक के कारण आदमी को नाकों चने चबाने पडते हैं । नाक बड़ी जल्दी कटती है और प्राय : बिना किसी हथियार के ही कट जाती 😇है । आदमी की अपनी नाक के साथ खानदान की नाक भी जुड़ी रहती है । कभी कोई ऐसी - वै😊सी बात हो जाए , लड़का घर से रूठकर भाग जाए , कोई झठा - मठा इलजाम जान को लग जाए , तो अपनी ही नहीं , पूरे खानदान 😇😜की नाक कट जाती है ।
                जब आदमी का बुरा वक्त आता है , या उसे किसी कोई काम करवाना होता है , तब वह सारी हेकडी भल जाता है😇 । एक बार क्या हजार बार नाक रगड़ता है । जब कोई गलती हो जाती है , तब भी आदमी को अपनी नाक रगड़नी पड़ती है । 😜जिन लोगों में बदले या ईया की भावना हो👉ती है , वे भी मौके की तलाश में रहते हैं कि कब , कैसे किसी की नाक रगड़वा दें ।
               गुस्सा भी बहुत से लोगों की नाक पर रखा रहता है । उनसे जरा कुछ कहा नहीं कि बिना बात नाक फला लेते हैं । नाक में जि😜तनी कमियाँ या बुराइयाँ हैं , उससे ज्या☝दा अच्छाइयाँ हैं इसलिए जिनकी नाक नहीं होती है , वे भी नाक लगाते हैं , भले ही इस बात पर कोई दूसरा नाक भौंह सिकोड़े तो सिकोड़ता रहे ।
               

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