Tuesday, 20 August 2019

दो मजेदार कहानियाँ। ।। Celebration is here।।

                                
                          


  1    एक लड़का जो , भगवान को गलत समझता था ।
         एक  लड़का , जो  भगवान  को  हमेशा गलत  समझता  था ।  उसका  मानना  था , कि  भगवान ने  कुछ  भी  काम  सही  नहीं  किया । भगवान  ने   सभी वस्तु  विशेष  को गलत  ढ़ग  से  बनाया  है।
उस  लड़के का  मानना  था, की  एक  कमजोर  से बेले  मे  उतना बड़ा कद्दू  और उतनी बडी लौकी।
और एक विशाल से आम के पेड़ मे उतना छोटा आम। देखो भगवान का दिमाग। वो बेचार उतना कमजोर बेल कैसे सहेगा उतने भरी कद्दू और लौकी  का वजन ।
                एक दिन वो लड़का अपने दोस्तो के साथ खेल रहा था। और वो लड़का थक कर आम के विशाल और छायादार व्रक्ष के  निचे जा कर बैठा और आराम करने लगा। उतने मे हि एक आम आकर उसके सर पे गिरा, और वो तनफना  गया।
              और फ़िर वो समझ गया भगवान ने कद्दू को बेले मे क्यु लगा, पेड़ मे क्यु नही लगाय।



                                 2
                           वकिल बेटी  

                              
एक  गाँव  मे एक आदमी था। जो कि गरीब था। परंतु उसकी एक बेटी थी, जो की पढ़ाई मे बहुत थी। उस बाप ने अपनी बेटी कि पढ़ाई पुरी करने के लिए  ,गाँव के एक साहुकार से कर्ज लिया था।  जिस कर्ज को बेटी कि पढ़ाई होने के तुरंत बाद लौटाना था। वरना उसकी जांघ का दो गज मास निकाल लिया जाएगा।
                          कुछ साल बाद
उसकी बेटी की पढ़ाई पुरी हो गई । और एक दिन साहुकार ने अपना आदमी उसके घर भेजा पैसे लाने के लिए। परंतु उसने बोला कि मेरे पास अभी पैसे नहीं है। और ये सब उसकी बेटी को पता चला कि मेरे पिताजी ने मेरी पढ़ाई के लिए साहुकार से कर्ज लिया था । और अब उसकी अवधि पुरी हो गई है और सरतानुसार   मेरे पिताजी की जांघ का दो गज मास देना होगा।
साहुकार ने एक दिन उसको बुलाया और बोला तुने मेरे पैसे लोटाये नहीं है तो अब तेरी जांघ का दो गज मास ले लिया जाएगा। किसान ने बोला ठिक है ले लो।
उतने में हि उसकी वकिल बेटी आई और बोली, की तुम मेरे पिताजी के  जांघ गज मास लेना है तो ले लो परंतु उस जांघ से एक भी बुंद खुन का नहीं गिरना चाहिए। क्योंकि शरत  मे कही भी खुन का जीकर नहीं हुआ था।
और साहुकार समझ गया की अब उसकी जांघ का एक भी गज मास नहीं लिया जा सकता।

कुत्ता और खरगोश।

एक बार की बात है एक जंगल में रहते थे एक बार एक कुत्ते ने एक खरगोश को देखो और उसके पीछे फॉर्म फॉर करके भागने लगा। फिर कुत्ता खरगोश के पीछे दौड़ने लगा खरगोश आगे आगे दौड़ रहा था कुत्ता पीछे पीछे दौड़ रहा था इनकी बहुत देर तक दौड़ा दौड़ होती रही फिर खरगोश इतना तेज भागा कि वह कुत्ते को नजर नहीं आया और खरगोश बज गया उसकी जान बच गई वह बहुत खुश हो रहा था खरगोश था परंतु इधर कुत्ता मायूस था फिर कुत्ता अपने घर लौटा और उसके घर में रहने वाले सभी सदस्य उस कुत्ते पर हंसने लगे इतना हसने लगे इतना हसने लगे कि कुत्ते की आंखों से आंसू आ गए फिर कुत्ते ने बोला मैं तो अपना पेट भरने के लिए दौड़ा था परंतु वह खरगोश तो अपनी जान बचाने के दौड़ रहा था तो आप बताइए आपकी जान ज्यादा कीमती है यह भूख।
Thanks 🙏🙇
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Bye 
See you 
Again


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