Saturday, 10 August 2019

Quotes ,shayari, fact,and history of world War II स्वतंत्रता दिवस के अद्भुत संग्रह। जो जानकारी कहीं और नही मिलेंगी 2020 special.

 Quotes shayari facts and history of World War 2 for Independence Day 2020


    

  Happy Independent Day

   आप सभी से अनुरोध है कि यह status हर हिंदुस्तानी के मोबाईल मे होना चाहिए।  यह अपका हिंदुस्तानी होने का फर्ज है। Best Independence Day status. जो जोश से मन भर दे।

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Best Independence Day Status 


          1. ना हिन्दु बुरा है , ना मुस्लमान बुरा है। 
      जो  इन्हें लड़वाता है , वो इंसान बुरा है।। 
   
2.आर्मी तो है देश की शान ,
       जिन्दादिली है जिसकी पहचान।

          3. वो ज़िन्दगी ही क्या जिसमे देशभक्ति ना हो।
           और वो मौत ही क्या जो तिरंगे में ना लिपटी हो।
          

4. अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है।
      जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी हैं।। 

        5. ना गर्मी ऊन , ना गर्मी जून मे होती हैं। 
           गर्मी तो  जवान के जुनून मे होती हैं।। 

6. ना सरकार मेरी है। ना रौब मेरा है। ना बड़ा सा नाम मेरा है। मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है , मै “हिन्दुस्तान” का हूँ…. और “हिन्दुस्तान” मेरा है। जय हिन्द !!

7. दूध मांगोगे तो खीर देंगे… कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे। स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो !!

8. अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है…जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है… बोलो भारत माता की जय.. स्वतंत्रतादिवस मुबारक हो !!

9. पहली गोली वो चलाएंगे…… और आखिरी हम… जय हिन्द !!

10. चढ़ गये जो हंसकर सूली, खाई जिन्होने सीने पर गोली, हम उनको प्रणाम करते हैं। जो मिट गये देश पर, हम उनको सलाम करते हैं। स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो !!
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Attractive  lines  for  speech  :- 


1. जिनमें अकेले चलने का होंसला होता हैं। 
    उनके पीछे एक दिन काफिला होता हैं।। 

2. वक्त  जब आँखे फेर लेता है। 
     तब शेर को भी कुता घेर लेता है।। 

3. कितना भी पकड़ लो फिसलता जरूर है। 
        ये वक्त है साहेब बादलता जरूर है।। 

4. जीतने वाला हि नहीं कहाँ पर हराना है,वो महान होता हैं। 

Top  facts  about  15  August  :-


1. 16 August  1947  को  सबसे  पहले   तिरंगा     लहराय गया  था।

2.   जवाहरलाल नेहरू ने   सबसे  पहली बार तिरंगा  लहराय था।

3.सबसे  ज्यादा लाल  किले  मे  तिरंगा   पंडित  जवाहरलाल नेहरू ने  लहराय  था।

4. पंडित   जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदीजी  ने  तिरंगा  लहराय  है।

5. PM  नरेंद्र मोदीजी सातवी बार  तिरंगा  लहरायेगे  ।

6. भारत  ने   1947-1950 तक  बिना   राष्ट्रीय गान के  तिरंगा  लहराय  था।   क्योंकि राष्ट्रीय गान  1950 मे लिया गया था।

7. भारत में  Independence day  15 August को मनाया जाता हैं  ,  लेकिन  पाकिस्तान  मे 14 August को मनाया जाता हैं।

8. भारत  पकिस्तान  को   LORD MOUNTBATTERN  ने  अलग  किया था।


द्वितीय विश्वयुद्ध-

               1939 में द्वितीय युद्ध के शुरू होने पर, वाइसराय, लॉर्ड लिनलिथगो ने बिना भारतीय नेताओं से परामर्श किये भारत की ओर से युद्ध घोषित कर दिया, जिसके चलते कांग्रेस प्रांतीय मंत्रालयों ने विरोध में इस्तीफा दे दिया. इसके विपरीत मुस्लिम लीग ने युद्ध के प्रयासों में ब्रिटेन का समर्थन किया; लेकिन अब यह विचार पनपने लगा कि कांग्रेस के वर्चस्व वाले स्वतन्त्र भारत में मुसलमानों के साथ गलत तरीके से व्यवहार किया जाएगा. ब्रिटिश सरकार ने अपने क्रिप्स मिशन के माध्यम से युद्ध की खातिर भारतीय राष्ट्रवादियों के सहयोग को प्राप्त करने का प्रयास किया जिसके बदले में स्वतंत्रता का वादा किया गया; लेकिन, कांग्रेस और उनके बीच वार्ता खंडित हो गई। गांधी ने, बाद में अगस्त 1942 में "भारत छोड़ो" आंदोलन शुरू किया और मांग की कि अंग्रेज तुरंत भारत से वापस चले जायें अन्यथा उन्हें राष्ट्रव्यापी नागरिक अवज्ञा का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस के अन्य सभी नेताओं के साथ, गांधी को तुरंत कैद कर लिया गया और पूरे देश भर में छात्रों की अगुआई में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे और बाद में इसमें किसान, राजनितिक समूह भी शामिल हो गए, विशेष रूप से पूर्वी संयुक्त प्रांत, बिहार और पश्चिमी बंगाल में. युद्ध के प्रयोजन से भारत में मौजूद ब्रिटिश सेना की बड़ी संख्या ने, छह सप्ताह से कुछ अधिक समय में ही आंदोलन को कुचल दिया; फिर भी, आंदोलन के एक हिस्से ने कुछ समय के लिए नेपाल की सीमा पर एक भूमिगत अस्थायी सरकार का गठन कर लिया। भारत के अन्य भागों में, आंदोलन कम सहज और विरोध कम तीव्र था, लेकिन फिर भी यह 1943 की गर्मियों तक चला.

        कांग्रेस नेताओं के जेल में होने से, ध्यान सुभाष बोस पर गया, जिन्हें अपेक्षाकृत अधिक रूढ़िवादी हाई कमान के साथ मतभेद के बाद 1939 में कांग्रेस से निकाल दिया गया था; बोस ने अब अपना रुख धुरी शक्तियों की तरफ किया ताकि भारत को बलपूर्वक आज़ाद कराया जा सके. जापानी समर्थन के साथ, उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी का गठन किया, जिसमें मुख्य रूप से ब्रिटिश इंडियन आर्मी के भारतीय सिपाही थे जिन्हें सिंगापुर में पकड़ा गया था। युद्ध की शुरुआत से, जापानी गुप्त सेवा ने ब्रिटिश युद्ध प्रयासों को अस्थिर करने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया में अशांति को बढ़ावा दिया था; और उसने कब्जा किये गए क्षेत्रों में कई अस्थायी और कठपुतली सरकारों का समर्थन किया, जिसमें बर्मा, फिलीपींस और वियतनाम शामिल थे और साथ ही बोस की अध्यक्षता में आज़ाद हिंद की अस्थाई सरकार को भी. बोस के प्रयास, हालांकि अल्पकालिक रहे; 1944 की फेर-बदल के बाद, प्रबल ब्रिटिश सेना ने 1945 में जापान के यू गो आक्रमण को पहले रोका और फिर पलट दिया और सफल बर्मा अभियान की शुरुआत की. बोस की आजाद हिंद फौज ने सिंगापुर पर पुनः कब्जा हो जाने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया और उसके शीघ्र बाद बोस की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हो गई। 1945 के उत्तरार्ध में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों पर चलाये गए मुकदमे ने भारत में सार्वजनिक अशांति और राष्ट्रवादी हिंसा को भड़काया.


                           
                      

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