Tuesday, 13 August 2019

मौका सबको मिलता है


मौका सबको मिलता है
एक पुरानी कहानी है जरुर सुनाता हू

और बड़ी मजेदार है
एक बार की बात है......

              एक लड़का था जो अपनी जिंदगि से बहुत परेसान था एक बार वो एक गुरुजी के पास गया......
           और बोला ! गुरुजी मै अपनी जिंदगि से बहुत परेसान हू और मुझे पैसों की बहुत जरूरत है । मै चाहता हूँ कि मेरे ( parents)
मेरे माता पिता बहुत खुश रहे! और पूरी दुनिया घूमे। लेकिन ये सब चीज़े जो मै बोल रहा हूँ ये पैसों के बिना  POSSIBLE नही हो सकता। इसके लिए मेरे पास बहुत सारे पैसे होने चाइये

गुरुजी ने उस लड़के को कहाँ ;-  मेरे साथ चलो! और उसे गुरुजी ऐसी जगह ले गए ।
जहा बहुत सारे कंकर पड़े थे ।
                       और उस लड़के से कहा ये इतने सारे कंकर मे से कोई एक कंकर है जो हर (metal) हर धातु को सोने मे बदल सकती हैं। वो कंकर जिस पर रखोगे वो सोने का हो जाएगा। ओर वो कंकर की पहचान होगी उसके तापमान से ये सब कंकर छु कर महसूस करोगे तो ठंडे लगेगे लेकिन गोल्ड मे बदल देने वाली कंकर गर्म महसूस होगी। फिर तुम अपनी जिंदगि मे चाहो जितने पैसे कमा सकते हो। अगर तुम्हे व कंकर मिल गयी वो लड़का बहुत ज्यादा ख़ुश हुआ। और उसने देखा ये तो केवल कुछ ही महीनो की  तो बात है। मुझे रोज के केवल कुछ ही घण्टे देने है। पर वो लड़का नहीं जानता था। की वो Task जिस गुरुजी ने दिया है उन्होंने सोच समझ कर दिया है । अगर इतना आसान होता तो बात ही क्या थी
             लड़का लग गया उसमे! उसने वो सारे कंकर जो एक तरफ पड़ी थी। उसे हाथ मे लेकर महसूस करके जो कंकर ठंडी महसूस होती उसे समंदर मे फेक देता क्यूकी अगर वह उसे समंदर मे ना फेकें तो वही कंकर फिर से उसी मे मिल जाएगी। महीनो तक उसे ये करना था तो कही कुछ कंकर उसमे ना मिल जाए इसलिए जो कंकर ठंडी होती उसे वो समंदर में फेकता जा रहा था
        #एक दिन निकला पांच छ घण्टे दिये उसमे सब कंकर ठंडे महसूस हो रहे थे। दूसरा दिन निकला! तीसरा दिन निकला! एक सप्ता निकला! दो सप्ते निकले! एक महीना! ऐसा करते करते फिर तीन और चार महीने हो गए लेकिन अब तक उस लड़के को व गर्म कंकर नही मिली उसमे से सब कंकर ठंडी महसूस हो रही थी। अब लड़के की स्पीड बढ़ चुकी थी। लेकिन एक चीज़ है जो वो भूल रहा था उसका विश्वास जरुर था की व कंकर मिलेगी जरुर लेकिन धीरे धीरे कंकर को ध्यान से परखना कम करता जा रहा था। वो अब उतना बारीकी से नही परख रहा था जितना वह शुरू के तीन कंकरो को परखे थे एक तरफ से ये भी कह सकते है कि उसके दिमाग की condition ऐसी थी की उसकी Habbit हो गयी थी कि कंकरो को pata par समंदर में फेकेने की इतनी मेहनत के बाद उसे 5वे महीने के कुछ ही दिनों मे उसे गर्म पथर मिला पर उसने व कंकर समंदर में फेक दिया क्यू की उसकी जल्दी फेकेने की आदत थी फिर 1 ,2 सेकंड बाद उसे  असास हुवा और उसे इतना पछतावा हुवा
    और उसे लगा की मुझे पता होते भी मैंने ये कंकर फेक दिया।

       👉👉 इस कहानी से हमे  🙏शिक्षा मिलती हैं


हमे मिले जिंदगि के हर दिन  हर पल को हल्के में नही लेना चाहिए
अगर हर दिन को हल्के मे ले लोगे तो एक दिन ऐसा भी आएगा की वो दिन हमारा opportunity वाला दिन होगा तो हम उसे भी हल्के में ले लेगे और फिर पछताने से  कुछ नहीं मिलेगा   ।।।।।।।।।।।  Friends
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