Wednesday, 4 September 2019

बुद्धि और सफलता


   बुद्धि और सफलता एक सिक्के के दो पहलू               के समान हैं। 😃जिसको दो नजरिया से देखा जा                 सकता है। 


       पहले नजरिया से देखा जाए तो जो व्यक्ति अच्छा पड़ता है। जो टॉपर है वही सफल है याने कि जहां बुद्धि वहां सफलता लोगों😇 का यह नजरिया है, कि अगर स्कूल और कॉलेज लाइफ में मन लगाकर पढ़ ले तो उसको एक अच्छी सी नौकरी लगेगी और वह अपना जीवन अच्छे से व्यतीत कर पाए😇गा परंतु नौकरी कर आप सफल तो रहेंगे पर आप अपने परिवार की जरूरत ही पूरी कर पाएंगे शौक नहीं पर कुछ नौकरी ऐसी भी होती हैं हैं😊 जहां जरूरत के साथ-साथ सौक भी पूरे कराती हैं पर कहते हैं ना जहां ज्यादा😘 वहां मुसीबत परंतु वह व्यक्ति की सफलता ही क्या मुसीबत ना हो। सफलता तो वही कहलाता है जो मुसीबतों से लड़कर अपनी मंजिल तक जाती है  ।
            
           दूसरे नजरिए से देखा जाए तो वह बिल्कुल पहले नजरिया से अलग है परंतु कुछ लोग होते हैं ना जो स्कूल लाइफ और कॉलेज ला🥰इफ में एवरेज रहते हैं जिसको लोग कहते हैं तू कुछ नहीं कर पाएगा तू  नाकारा है तू घर में बर्तन साफ कर तेरी पत्नी नौकरी पर जाएगी पर फिर कुछ सालों बाद इतने सफल हो जाते☺ हैं कि जिसकी लोगों ने कल्पना भी नहीं की होगी उनके पास खुद का एक आलीशान घर गाड़ी और वह सब कुछ जो वह चाहते हैं और जो 😊लोग उनकी आलोचना करते थे वह उनको सलाम ठोकते हैं।और ऐसे लोगों को  बच्चा बच्चा भी जानता है अब पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंडुलकर को तो सब लोग भी जानते हैं ऐसे लोगों का ध्यान पढ़ाई में ना होकर दूसरी जगह में 🙂होता है।




        परंतु कुछ लोग तो  सिक्का ही होते हैं जिनके पास बुद्धि और सफलता दोनों ही होती है वह लोग जो सोचते हैं ना वह अपने जेहन में 🙂भी नहीं आता होगा यह लोग विश्व मशहू😇र होते इन लोगों का सोचने का तरीका अलग होता है यह लोग बुध्दि और सफलता का भरमार हैं जैसे Jeff Bezos  , Bill Gates, Warren buffett, Mark zuckerburg, etc.

   बुद्धि तो सभी के पास होती है परंतु सभी की बुद्धि अलग अलग होती है और बुद्धि दो🙂 प्रकार की होती है
1. बाहरी ज्ञान की बुध्दि।
2. पुस्तक विज्ञान की बुद्धि।

1. बाहरी ज्ञान की बुध्दि :-
               जो विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ-साथ बाहरी ज्ञान प्राप्त करता है वह विद्यार्थी रट्टू तोता नहीं होता उसमें एक अ🙂लग सा ही ज्ञान होता है वह नई चीजें सीखना चाहता है वह कुछ नया करना चाहता है यह विद्यार्थी एक्टू भी होते हैं यह दु🙂निया में मशहूर होना चाहते हैं और इनका एकदम अलग एटीट्यूट रहता है।

2. पुस्तक विज्ञान की बुद्धि :-
           जो विद्यार्थी सिर्फ पुस्तक की ज्ञान तक सीमित रहते हैं वह विद्यार्थी चाहता है कि मुझे सिर्फ हर क्लास में टॉप करना है और एक अच्छे 🙂से नौकरी करना है बस इससे ज्यादा कुछ नहीं करना है वह विद्यार्थी सिर्फ नौकरी तक ही सीमित रहता है उसे बाहरी दुनिया का कुछ गाने रहता जो सिर्फ पुस्तकों का एकदम रट्टू तोता होता है वह विद्यार्थी ही नौकरी चाहते है।

सफलता एक ही प्रकार की होती है जिस काम को कर कर आप संतुष्ट हैं और आप खुश हैं वहीं सफलता है जिससे🤣 आप अपने परिवार का पालन पोषण और उनके साथ पूरे कर सकें वहीं स☺फलता है और सफलता कोई आम का अचार नहीं जो दुकान में मिल जाता है इसमे बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती तक सफलता मिलती है सफलता मेहनत करके सफलता है।
       

               धन्यवाद दोस्तों आज के लिए इतना ही कल फिर मिलेंगे नए ब्लॉग ने पोस्टर ने मुद्दों के साथ जब तक कि आप इस ब्लॉग से कोई ना कोई सीख लीजिए और अपने दोस्तों के साथ शेयर 🤣कीजिए धन्यवाद दोस्तों।
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