Friday, 20 December 2019

The best Christmas stories with moral for kind 2019 special



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Merry Christmas stories

Christmas story #1

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Merry Christmas
दिसंबर महीने की बात है। ठंड का मौसम था और बच्चों की स्कूल की छुट्टियां शुरु होने वाली थी और क्रिसमस आने वाला था सभी लोग बड़े बूढ़े और बच्चे बहुत ज्यादा उत्सुक थे क्रिसमस बनाने के लिए।

यह बात है एक शहर की जहां एक बूढ़े जोसेफ अंकल रहते थे जो सिर्फ अंकल बहुत ज्यादा खडूस थे। यह अंकल कभी किसी की खुशी में शामिल नहीं होते थे और इनके सामने कोई बच्चा खेलते रहते तो यह उन्हें चिल्ला देते थे और मोहल्ले में भी यह किसी से अच्छे से बात नहीं करते थे और मोहल्ले के लोग भी उनसे बात करने में कतराते थे।
क्रिसमस के 2 दिन पहले सभी लोग शाम को क्रिसमस ट्री तैयार कर रहे थे। तभी जोसेप अंकल अपनी खिड़की बंद करने खिड़की के पास आए तो देखा कि सभी लोग खुश हैं और क्रिसमस की तैयारी कर रहे हैं तो इन्हें गुस्सा आ गया और इन्हें इन्हें खिड़की बंद करके सोने चले गए थे। इन्हें नींद लगी ही थी कि इनके सपने में अतीत का भूत आया और कहां:-
अतीत का भूत:- देखो जैसे आज के 35 साल पहले तुम्हारा क्या हाल था? जब तुम्हारे माता-पिता का देहांत हो गया था तुम रोते फिरते थे तुम्हें दो समय का खाना भी नहीं मिलता था।
जोसेफ अंकल:- हां हां।
आतिफ का भूत:- जो तुम्हारे साथ हुआ सो हुआ पर तुम अब अच्छे हो तुम्हारी फाइनेंसियल कंडीशन अच्छी है और तुम लोगों का अच्छा कर सकते हो।

इतने में ही अंकल का सपना टूट जाता है और वह उठ जाते हैं और फिर जैसे ही वह सोने की कोशिश करते हैं और उन्हें नींद लगती है। फिर उनके सपने में वर्तमान का भूत आ जाता है और बोलता है कि:-
वर्तमान का भूत :- जोशी देख तू क्या कर रहा है? तू लोगों को इज्जत नहीं देता तू लोगों की खुशी में शामिल नहीं होता यहां तक कि तू लोगों से सही में बात भी नहीं करता।
जोशेफ को उसके किए पर पछतावा होता है और वह उठ जाता है और फिर वह सोनू की कोशिश करता है और उन्हें नींद लग जाती है और फिर उनके सपने में आते हैं। भविष्य का भूत और बोलता है कि :-
वर्तमान का भूत :- जोसेफ देखो जब तुम भगवान को प्यारे हो जाओगे तब लोग तुम्हें क्या कहेंगे?
"ये अंकल कितने कडूस थे कभी किसी से अच्छे से बात नहीं करते थे। "

"अंकल ने आज तक हंस के बात नहीं किया।"
"हां हां इतना किस चीज का गुरूर जो किसी को खुशी ना दे सके।"
इतने में ही अंकल की नींद खुल जाती है और वह बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं और रात भर सो नहीं पाते ।
फिर सुबह होती है और एक नई शुरुआत करते हुए अंकल मोहल्ले में सभी को बता देते हैं कि आज क्रिसमस की पार्टी मेरे घर है। आप सभी को वहां आना है ।
अंकल को इतना खुश देखकर सभी लोग हैरान हो जाते हैं और बोलते हैं कि चलो अच्छा ही हुआ अंकल ने कुछ तो बदलाव आया ।
श्याम को सभी लोग अंकल क्या पार्टी करते हैं?
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Christmas story #2

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Stories of Christmas
यह कहानी है दो सहेलियों की रीना और टीना की जो कि दोनों ही बहुत घनिष्ठ मित्र थे और दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती थी और एक ही गांव में रहती थी।nदोनों की स्कूल की छुट्टियां शुरु होने वाली थी क्रिसमस की और दोनों ही बहुत उत्सुक थे क्रिसमस बनाने के लिए।

रीना के पापा शहर में रहते थे पैसा कमाने के लिए जबकि टीना के पापा गांव में ही साहूकार थे।
क्रिसमस की कुछ दिन पहले पीना अपने पापा के साथ बाजार गई हुई थी कुछ सामग्री लेने क्रिसमस के लिए और आते आते उन्हें शाम हो गई सभी के घर रोशनी से जगमग आ रहे थे क्रिसमस की तैयारी चालू थी परंतु उसी की सहेली का घर या ने रीना की शैली का घर ही श्री पूरा अंधेरा था। क्योंकि उसके पापा शहर से नहीं आए थे और उनका कोई बिजली से लाइट जगमग आने वाला नहीं था। उसे यह देखकर बहुत बुरा लगा कि मेरी सहेली के घर में अंधेरा है। जबकि सभी के घर में रोशनी।
आखिरकार क्रिसमस का दिन आ ही गया और क्रिसमस के दिन पीना को पता लगा कि रीना के पापा शहर से वापस नहीं आए हैं और वह बहुत दुखी हुई क्या मेरी सहेली क्रिसमस कैसे बनाएगी?

तो टीना ने फैसला किया कि अब मेरा परिवार और उसका परिवार साथ में क्रिसमस बनाएगा। टीना के घर में बहुत सारे स्वादिष्ट पकवान बने थे और बहुत सारे गिफ्ट भी थे। तो वह पूरे पकवान और गिफ्ट सहित अपनी फ्रेंड रीना के घर पहुंच गए अपने पूरे परिवार के साथ और कहा कि आज हम आप लोगों के साथ क्रिसमस बनाएंगे।
सभी लोग आश्चर्य में पड़ गए।कि यह गांव के इतने बड़े साहूकार आज हमारे साथ कैसे आप क्रिसमस बना रहे हैं?
उतने में ही टीना के पापा की नजर दीवाल में टंगी एक फोटो पर पड़ी और टीना के पापा ने पूछा कि यह कौन है?  जिसकी फोटो आपकी दीवाल पर है।
रीना ने उतने में ही कहा यह मेरे पापा है आप इन्हें कैसे जानते हैं।

टीना के पापा ने कहा इन्हें मैंने शहर के एक अस्पताल में भर्ती देखा है इनके बहुत ज्यादा तबीयत खराब थी।
अगर यह तुम्हारे पापा है तो चलो इन्हें शहर से ले आते हो उतने में टीना के पापा और रीना और टीना तीनो लोग।
रीना के पापा को लेने शहर चले जाते हैं और चार-पांच घंटे में उन्हें ले करके वापस आ जाते और साथ-साथ बहुत खुशी से क्रिसमस बनाते हैं।
इसीलिए कहा जाता है खुशियां बांटने से बढ़ती है।



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